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गोमांस ही था बिसाहड़ा में इकलाख के घर

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जिस बिसाहड़ा कांड को लेकर देशभर में लंबे अरसे तक बहस छिड़ी रही और विदेश तक में मामला सुर्खियों में रहा, उसी कांड में मथुरा की फॉरेंसिक लैब रिपोर्ट ने बड़ा रहस्योद्घाटन किया है। पुष्टि कर दी कि इकलाख के घर से बरामद मांस गोमांस ही था।
तीन अक्टूबर 2015 को यह रिपोर्ट मथुरा की फॉरेंसिक लैब में तैयार की गई थी। लैब के सहायक निदेशक द्वारा तैयार रिपोर्ट सील बंद लिफाफे में जिला प्रशासन को भेज दी गई थी। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने बंद लिफाफे में यह रिपोर्ट कोर्ट में जमा कर दी थी। अब जब बचाव पक्ष के अधिवक्ता रामशरण नागर, डीआर शर्मा और राजीव त्यागी ने नकल विभाग से नियमानुसार यह रिपोर्ट हासिल की तो पता चला कि रिपोर्ट में सहायक निदेशक ने गोमांस की पुष्टि की है।
गौरतलब है कि 28 सितंबर 2015 की रात ग्रेटर  नोएडा के दादरी के बिसाहड़ा गांव में गोहत्या की सूचना पर भीड़ ने कानून व्यवस्था को ताक पर रखकर इकलाख की पीट-पीट कर हत्या कर दी थी और उसके बेटे दानिश को अधमरा कर दिया था। इकलाख के घर से मिले मांस को दादरी स्थित वेटनरी अस्पताल के उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी की ओर से मथुरा की फॉरेंसिक लैब भेजा गया था। 29 सितंबर 2015 को भेजे गए मांस के नमूने की रिपोर्ट तीन अक्टबूर 2015 को तैयार कर ली गई थी। रिपोर्ट में गोमांस की पुष्टि कर दी गई थी, लेकिन जिले के वेटनरी विभाग ने लोगों को गुमराह किया था। वेटनरी विभाग ने घटना के बाद मांस देखकर आशंका जताई थी कि यह बकरे का है, जबकि मथुरा लैब की फॉरेंसिक रिपोर्ट से अब स्थिति साफ हो गई है। रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद ग्रामीण इकलाख पक्ष पर मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे हैं।