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आयोग को सभी विभागों से अधियाचन का इंतजार

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प्रतियोगियों के लिए खुशखबरी है। उप्र लोकसेवा आयोग इसी साल समीक्षा अधिकारी एवं सहायक समीक्षा अधिकारी (आरओ/एआरओ) 2016 का इम्तिहान कराएगा। इसके लिए तैयारियां भी शुरू हैं, कुछ विभागों ने अपना अधियाचन भी भेज दिया है तो कई महकमों के अधियाचन का आयोग को इंतजार है।
आरओ/एआरओ परीक्षा को लेकर इधर ऊहापोह का माहौल था। लगातार प्रतियोगी यह पता करने में जुटे थे, आखिर परीक्षा होगी भी या नहीं। सोमवार को आयोग के सचिव सुरेश कुमार सिंह ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा इसी साल होगी। निर्वाचन विभाग, राजस्व परिषद आदि ने करीब पचास पदों का अधियाचन भी भेज दिया है, अभी सचिवालय, लोकसेवा आयोग आदि महत्वपूर्ण महकमों का अधियाचन इसमें शामिल होना शेष है। माना जा रहा है कि अगले कुछ महीनों में इसकी तैयारी पूरी हो जाएगी और इसी साल आयोग इसका इम्तिहान भी कराएगा।
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पीसीएस-जे प्रकरण शीर्ष कोर्ट में
लोकसेवा आयोग ने पीसीएस-जे परीक्षा में हाईकोर्ट का फरमान आने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की है। असल में आयोग इसमें मुख्य परीक्षा एवं साक्षात्कार तक करा चुका है अब हाईकोर्ट के निर्देश पर प्री परीक्षा में बड़ा फेरबदल का निर्देश दिया गया तो उसे शीर्ष कोर्ट में चुनौती दी गई है।
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कटऑफ बढ़ा नहीं बराबर किया गया
लोकसेवा आयोग ने यह भी कहा है कि पीसीएस 2016 के कटऑफ में ओबीसी अभ्यर्थी के अंक सामान्य अभ्यर्थियों से अधिक नहीं हैं, बल्कि समान रूप से अभ्यर्थी बुलाने के लिए हर वर्ग का कटऑफ यूं ही तय किया जाता है। यह प्रक्रिया एससी में भी इसी तरह अपनाई जाती है।
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डिलीट किए गए पांच सवाल
पीसीएस 2016 में संशोधित आंसर शीट के पांच सवाल हटा दिए गए हैं और प्रश्न हटाने के नियम के तहत अन्य अभ्यर्थियों को उसी के सापेक्ष अंक दे दिए गए हैं। आयोग अब प्रश्नपत्र तय करने वाले विशेषज्ञों के चयन को लेकर गंभीर है, क्योंकि गलत सवालों को लेकर उसकी किरकिरी हो रही है। इससे बचने के लिए अब उपाय खोजे जा रहे हैं।
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मुख्य परीक्षा में आब्जेक्टिव प्रश्न नहीं
उप्र लोकसेवा आयोग पीसीएस समेत अन्य मुख्य परीक्षाओं का पैटर्न बदलने को लेकर भी खासा गंभीर है, तैयारी है कि आगे से इसमें आब्जेक्टिव प्रश्न मुख्य इम्तिहान में नहीं होंगे, बल्कि सारे सवाल विश्लेषणात्मक ही होंगे। इससे प्रतियोगियों की क्षमता का भी आकलन हो सकेगा। यह व्यवस्था कब से लागू होगी इसका जवाब आयोग नहीं दे रहा है, लेकिन इतना तय है कि आने वाले वर्षों में आयोग फिर पुराने पैटर्न पर मुख्य परीक्षा कराएगा।