इटावा में खुलेगा पहला राज्य वन्य जीव संस्थान
-जीवों के आचरण व व्यवहार को परखने में मिलेगी मदद
इटावा : प्रदेश सरकार इटावा में वन्य जीवों के अध्ययन एवं संरक्षण के लिए प्रदेश का पहला राज्य वन्य जीव संस्थान खोलने जा रही है। देहरादून के भारतीय वन्य जीव संस्थान की तर्ज पर खोले जा रहे इस संस्थान को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट लॉयन सफारी से जोड़कर देखा जा रहा है।
इटावा में लॉयन सफारी के बाद भालू, तेंदुआ, हिरन व लकड़बग्घा की सफारी के साथ-साथ चंबल सेंचुरी में मगरमच्छ, घडिय़ाल व कछुओं की उपलब्धता को देखते हुए इस संस्थान की आवश्यकता महसूस की गई है। सरकार इसे लॉयन सफारी के सामने वन विभाग की दो हेक्टेयर जमीन पर खोलने का विचार कर रही है। इसके लिए इस वित्तीय वर्ष में दो करोड़ रुपये आवंटित भी कर दिया गया है।
संस्थान के खुलने से वन्य जीवों पर सभी प्रकार के शोध, उनके बीमार होने की स्थिति में सारी लैब टेङ्क्षस्टग व वन्य विशेषज्ञों की सलाह उपलब्ध होगी। अभी जांचों व अन्य सलाह के लिए सफारी प्रशासन को आइवीआरआइ बरेली का सहारा लेना पड़ता है, इसमें काफी समय लग जाता है। इस इंस्टीट्यूट में वेटनरी डाक्टरों की तैनाती का भी प्रावधान किया गया है। माना जा रहा है कि इस वर्ष में इसका काम शुरू हो जायेगा। वन्य जीव विशेषज्ञ राजीव चौहान का कहना है कि वन्य जीवों का व्यवहार जानने के लिए संस्थान की स्थापना एक अच्छा कदम होगा। चंबल सेंचुरी के डीएफओ डा. अनिल पटेल ने बताया कि संस्थान की स्थापना शीघ्र हो जायेगी।