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वाह्टसएप पर यूपीएसएसएससी का सॉल्व पेपर

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-- भड़के प्रतियोगी, परीक्षा रद्द करने की उठाई मांग
-- प्रदेश सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
इलाहाबाद : प्रदेश सरकार की एक और परीक्षा विवादों के घेरे में घिर गई है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के बाद यह दाग अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) पर लगा है। आयोग ने रविवार को प्रदेश के कई शहरों में लोअर सबआर्डिनेट सर्विसेज एग्जामिनेशन-2016 (सामान्य चयन) का आयोजन किया था। दो पालियों में आयोजित इस परीक्षा के सॉल्व पेपर पहली पाली के दौरान ही वाह्टसएप पर वायरल हो गए। पहली पाली में जीएस की परीक्षा थी। परीक्षा के बाद प्रश्न पत्रों का मिलान किया गया तो अधिकतर प्रश्न सही पाए गए। पेपर लीक होने की खबर फैली तो प्रतियोगी छात्रों का गुस्सा भड़क उठा। बड़ी संख्या में छात्रों ने दूसरी पाली की परीक्षा ही छोड़ दी। छात्रों ने प्रदेश सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए परीक्षा रद्द करने को कहा।
मेल खाए अधिकतर प्रश्न : पहली पाली में जीएस का पेपर था। परीक्षा के बाद वाट्सअप पर वायरल हुए जीएस पेपर से मिलान किया गया तो कई ऐसे प्रश्न रहे, जो मेल खा रहे थे। मसलन वाट्सअप पर वायरल हुए पेपर में प्रश्न संख्या 59 में भारत के संविधान के किस अनुच्छेद के अधीन राज्यों के राज्यपाल को अध्यादेश जारी करने की शक्ति है? प्रश्न पूछे गए थे। शहर के एक परीक्षा केंद्र से निकले परीक्षार्थियों से जब इस प्रश्न के बारे में पूछा गया तो वह हुबहू मेल खा रहे थे। ये प्रश्न डी सीरिज में 74 नम्बर पर मिला। इसी प्रकार वायरल पेपर में प्रश्न संख्या 60 यहां डी सीरिज में प्रश्न संख्या 75 के रूप में मौजूद रहे। इसके अलावा भी बड़ी संख्या में प्रश्न वायरल हुए पेपर से मेल खाते रहे। प्रतियोगी छात्रों का तर्क है कि पेपर तो लीक हुआ ही है, लेकिन अलग-अलग केंद्रों पर पेपर के सीरिज बदलने से प्रश्नों की संख्या बदल गई है।
दूसरी पाली में कम रही उपस्थिति : पहली पाली में पेपर आउट होने की खबर का असर दूसरी पाली की परीक्षा में देखने को मिला। परीक्षा में कुल 23800 अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होना था। अभ्यर्थियों की संख्या को देखते हुए कुल 48 सेंटर्स बनाए गए थे। पहली पाली की परीक्षा सुबह दस बजे से साढ़े बारह बजे तक आयोजित हुई। जिसमें कुल 11353 यानी 47.70 प्रतिशत अभ्यर्थी उपस्थित रहे। जबकि दूसरी पाली की परीक्षा में ये उपस्थिति घटकर 11125 यानी 46.74 हो गई।
सबूत के साथ राज्यपाल को भेजेंगे पत्र : पेपर लीक मामले में प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति ने राज्यपाल को पूरे सबूत के साथ ज्ञापन भेजने का फैसला लिया है। समिति के मीडिया प्रभारी अवनीश पांडेय ने बताया की भर्ती परीक्षाओं पर उठ रहे सवाल प्रदेश सरकार की गिरती साख का नमूना है। छात्रों ने राज्यपाल के अलावा मुख्यमंत्री और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष को भी ज्ञापन भेजने का फैसला लिया है। छात्रों ने मांग किया है कि परीक्षा रद्द कर फिर से आयोजित कराई जाए।