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- इंजीनियङ्क्षरग व मैनेजमेंट कॉलेजों में विद्यार्थियों को एक ब्रांच के साथ दूसरी ब्रांच के विषय भी पढऩे को मिलेंगे
लखनऊ : डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) से संबद्ध 622 इंजीनियङ्क्षरग व मैनेजमेंट कॉलेजों में पढऩे वाले विद्यार्थियों को स्नातक (यूजी) व परास्नातक (पीजी) कोर्सेज में अब च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) लागू कर दिया गया है। इसके अंतर्गत विद्यार्थियों को छूट होगी कि वह एक ब्रांच की पढ़ाई के साथ-साथ दूसरी ब्रांच में पढ़ाए जा रहे विषयों को भी पढ़ सके। पाठ्यक्रम को भी क्रेडिट के अनुसार घंटों में बांटा गया है। एक सेमेस्टर में विद्यार्थियों को 23 क्रेडिट की पढ़ाई पूर्ण करनी होगी। यह निर्णय बुधवार को एकेटीयू के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की अध्यक्षता में हुई बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक में लिया गया।
प्रो. विनय कुमार पाठक ने बताया कि सीबीसीएस लागू होने से विद्यार्थियों के पास पढ़ाई करने की च्वाइस ज्यादा होगी। बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक में बीटेक, बीफार्मा व बीएचएमसीटी के आर्डिनेंस पर चर्चा के साथ-साथ एमबीए, एमसीए व आर्किटेक्चर कोर्सेज के लिए भी ऐसा ही आर्डिनेंस जल्द बनाया जाए। अगर विद्यार्थी अपनी ब्रांच में बदलाव चाहता है तो उसकी संपूर्ण प्रक्रिया 30 अगस्त तक पूरी कर ली जाएगी। कॉलेज न बदलने के प्रावधान की तरह ही स्टडी सेंटर को बदलने की भी अनुमति नहीं दी जाएगी। जनरल प्रोफिशियंसी की आवश्यकता को देखते हुए इवैल्यूएशन स्कीम में दी गई व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। सभी कोर्सेज के प्रथम वर्ष के सिलेबस को वर्तमान स्वरूप में स्वीकार किया गया है। कोर्सेज को अधिक से अधिक इंडस्ट्री ओरिएंटेड व नई तकनीकी को शामिल करने पर जोर दिया गया है। बाकी अन्य सभी वर्ष के कोर्सेज में बदलाव के लिए वेबसाइट के माध्यम से सुझाव मांगे जाएंगे। इसमें सभी संस्थानों के शिक्षक अपने-अपने सुझाव देंगे। लेटरल इंट्री वाले कोर्सेज में अर्हता ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन के अनुसार ही होगी।
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