भारतीय जनता पार्टी के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के कार्यकर्ताओं ने रविवार को सांसद योगी आदित्यनाथ का नया पोस्टर जारी कर बखेड़ा खड़ा कर दिया है। पोस्टर में योगी को सात मुंह वाले रावण के सामने धनुष-बाण लिए श्रीराम के रूप में युद्ध के लिए तैयार बताते हुए कहा गया है कि वह 2017 में रावण को करेंगे पराजित (पराजित की जगह पराजय लिखा गया है)। चित्र के नीचे योगी को उनके 44वें जन्मदिन पर शुभकामना दी गई है। यह पोस्टर भाजपा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के कुछ कार्यकर्ताओं ने कचहरी चौराहे पर प्रदर्शित किया। उसी स्थान पर योगी के जन्मदिन का केक भी काटा।
रावण के सात मुंह क्यों बनाए गए? इस सवाल का जवाब देते हुए भाजपा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ से जुड़े इरफान अहमद ने बताया कि हमने रावण के सात सिर के रूप में सपा, बसपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, जनता दल यू, पीस पार्टी एवं असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआइएमआइएम को चित्रित किया है जो उत्तर प्रदेश के विकास एवं शांति के लिए खतरनाक हैं। उन्होंने कहा कि पोस्टर के जरिये हमने योगी आदित्यनाथ को जन्मदिन की बधाई देने के साथ-साथ यह बताने की भी कोशिश की है कि भाजपा वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है।
इस पोस्टर को लेकर सपा, बसपा एवं कांग्रेस की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया आयी है। सपा केराष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य दुर्गेश यादव ने इस पोस्टर को भाजपा के मानसिक दिवालियेपन का प्रतीक बताया है। उन्होंने कहा कि जब भी चुनाव आता है भाजपा के नेता और कार्यकर्ता सांप्रदायिक आधार पर लोगों को बांटने का प्रयास करते हैं। बसपा के जोनल कोआर्डिनेटर ब्रजेश कुमार ने इस पोस्टर को लोकतंत्र का मजाक बताते हुए कहा कि केंद्र हर स्तर पर विफल भाजपा प्रचार के लिए सस्ता रास्ता चुनना चाहती है। यह पोस्टर उसी का परिचायक है। कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष एसएस पांडेय ने इसे प्रचार का सस्ता तरीका बताते हुए कहा कि विपक्ष को रावण बताने की कल्पना भाजपा ही कर सकती है।
