
घंटों खड़ी रही बरेली-शक्तिनगर त्रिवेणी एक्सप्रेस
लाइट न होने से पंखा भी नहीं हआ नसीब
बरेली-शक्तिनगर त्रिवेणी एक्सप्रेस में लगानी थी ऐसी कोच और लगा दी स्लीपर। ट्रेन के गुरुवार की रात इलाहाबाद जंक्शन पहुंचते ही यात्रियों ने हंगामा शुरू कर दिया। यही नहीं भयावह गर्मी में त्रिवेणी एक्सप्रेस के एस-5 और एस-6 कोच के यात्रियों को बिना पंखा और बिना लाइट के सफर करना पड़ा। ट्रेन इलाहाबाद पहुंची तो एसी कोच के यात्रियों के साथ-साथ स्लीपर कोच के यात्रियों ने भी हंगामा शुरू कर दिया।
त्रिवेणी एक्सप्रेस गुरुवार की रात्रि दस बजे जैसे ही जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर दस पर पहुंची। काफी संख्या में यात्री प्लेटफार्म पर उतर पड़े। यात्रियों ने रेलवे पर धोखेबाजी का आरोप लगाना शुरू कर दिया। उनका कहना था कि उन्होंने एसी कोच के लिए रिजर्वेशन कराया था, मगर बरेली में एसी कोच की जगह स्लीपर कोच लगा दिया गया। बरेली में भी उन्होंने विरोध किया मगर इस दौरान ट्रेन आगे की ओर बढ़ा दी गई। उनकी मांग थी कि इलाहाबाद जंक्शन से एसी कोच लगाया जाए। यात्रियों को शांत कराने के लिए रेलवे अधिकारियों को कुछ और न सूझा तो टिकट रिफंड की सलाह देने लगे। इस पर यात्रियों का गुस्सा सातवें आसमान पर जा पहुंचा। वहीं रेलवे अधिकारियों ने उत्तर रेलवे की गलती बताते हुए अपना पल्ला झाड़ लिया। इसे लेकर यात्री देर तक हंगामा करते रहे। वहीं दूसरी ओर त्रिवेणी एक्सप्रेस के एस-5 और एस-6 कोच के यात्रियों को बिना पंखा और बिना लाइट के इलाहाबाद तक आना पड़ा था। वे भी हंगामा कर रहे थे। आनन-फानन में रेलवे अधिकारियों ने दोनों स्लीपर कोच की लाइटें दुरूस्त करायी। हालांकि ट्रेन बिना एसी कोच के ही रवाना हो गई।
इनसेट
सीपीआरओ विजय कुमार के मुताबिक त्रिवेणी एक्सप्रेस उत्तर रेलवे की है। बरेली से ही स्लीपर कोच लगकर भेजा गया था, इसलिए यहां से कुछ नहीं किया जा सकता। यात्रियों के विरोध की सूचना उत्तर रेलवे को दे दी जाएगी।