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गूगल के सीईओ ने किसान के बेटे की पीठ थपथपाई

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- ऑनलाइन क्लास के लिए बलिया के पंकज को भेजा बधाई संदेश

हिमांशु मिश्र, इलाहाबाद : दुनिया भर में ऑनलाइन एजुकेशन की बयार बहा रहे इलाहाबाद विश्वविद्यालय के बीकाम छात्र पंकज मौर्य के नाम एक और उपलब्धि दर्ज हुई है। बलिया के किसान का यह बेटा दुनियाभर में ऑनलाइन तकनीकी ज्ञान बांट रहा है। उसकी दिनोंदिन बढ़ती लोकप्रियता पर सर्च इंजन गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने उसे खत के जरिए बधाई दी है। उज्जवल भविष्य की कामना के साथ ही गूगल की ओर से हर संभव मदद देने का भरोसा दिलाया है।
पंकज ने दैनिक जागरण को बताया कि गूगल की एक्सपर्ट कमेटी ने 30 मई को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए उनसे कई मसलों पर चर्चा की थी। एक्सपर्ट कमेटी ने उन्हें गूगल की सहायता उनकी वेबसाइट को बढ़ाने व उससे अधिक आय प्राप्त करने का जरिया बताया। साथ ही कतिपय समस्याओं का भी समाधान किया।
बलिया के उभांव क्षेत्र के मलेरा गांव निवासी पंकज ने गांव के ही प्राइवेट स्कूल से 12 वीं तक पढ़ाई की है। वह इलाहाबाद विश्वविद्यालय के बी.कॉम छात्र हैं। उनके पिता रामस्वरूप मौर्य साधारण किसान हैं। पंकज जब 15 साल के थे, तभी कंप्यूटर उनका पैशन बन गया। स्कूल प्रबंधन से विशेष अनुमति लेकर प्रतिदिन कंप्यूटर पर ऑनलाइन स्टडी करने लगे। ऑनलाइन ट्यूटोरियल से वेब, साफ्टवेयर डिजाइनिंग व प्रोग्रामिंग सीखी। फिर अपनी खुद की वेबसाइट बना ली। इस सफर को वीडियो और टेक्स्ट का रूप देकर 'टूल्स वैली डॉट इनÓ नामक वेबसाइट पर साझा किया। मौजूदा दौर में इस वेबसाइट के करीब पांच लाख दो हजार पाठक हैं। वह इससे ऑनलाइन वेब डिजाइनिंग, प्रोग्रामिंग, साफ्टवेयर डिजाइनिंग जैसी दक्षता हासिल कर चुके हैं। दिलचस्प यह भी है कि पंकज के लिए उनके पिता ने गेहूं बेचकर कंप्यूटर खरीदा था।
कमाई का बना जरिया : टूल्स वैली डाट इन को गूगल के विज्ञापनों से हर माह 40 से 50 हजार रुपये की कमाई होती है। इस रकम को वह वेबसाइट को प्रमोट करने में ही लगाते हैं। पंकज की वेबसाइट को सबसे ज्यादा अमेरिकी छात्र पढ़ते हैं। यह संख्या तीन लाख से अधिक है।
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