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हटाए गए मथुरा के डीएम-एसएसपी

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- निखिल चंद्र शुक्ल नए डीएम और बबलू कुमार एसएसपी
- उत्तर प्रदेश सरकार ने केंद्र को पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट भेजी
मथुरा के जवाहर बाग कांड का खामियाजा अंतत: डीएम और एसएसपी को भुगतना पड़ा। उत्तर प्रदेश शासन ने सोमवार को डीएम राजेश कुमार और एसएसपी राकेश सिंह को हटा दिया। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने खुद ट्वीट कर यह जानकारी दी। 2002 बैच के आइएएस अधिकारी निखिल चंद्र शुक्ल को मथुरा का डीएम और जालौन के एसपी बबलू कुमार को एसएसपी बनाया गया है। एसटीएफ गौतमबुद्धनगर के एसपी अशोक कुमार त्रिपाठी को जालौन भेजा गया है। राजेश कुमार और राकेश सिंह को मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। उधर, राज्य सरकार ने पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेज दी है।
 मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर अधिकारियों के तबादले की कार्रवाई की गई। डीएम और एसएसपी की लापरवाही के बारे में मुख्यमंत्री को उच्चाधिकारियों ने पहले ही अवगत करा दिया था। 31 मई को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये मथुरा के डीएम और एसएसपी को पूरी हिदायत दी गई थी कि कब्जेदारों को हटाने के लिए कब और क्या करना है। शासन स्तर से जो भी निर्देश दिए गए थे, अधिकारियों ने उसका ठीक उल्टा किया। यहां तक कि डीएम और एसएसपी के बीच तालमेल भी नहीं था। ऑपरेशन की तय तारीख से पहले ही अफसरों ने असमय कार्रवाई शुरू कर दी। अनियोजित ढंग से की गयी कार्रवाई में एसपी और थानाध्यक्ष समेत 25 लोगों की जान गई। हालांकि तबादले को ही पर्याप्त न मानते हुए जब अधिकारियों से पूछा गया तो यह कहना था कि यह तबादला जनहित में किया गया है।
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17 तक भेंजे जांच रिपोर्ट
अलीगढ़ के कमिश्नर चंद्रकांत ने जवाहर बाग कांड की जांच शुरू कर दी है। उनसे 17 जून तक पूरी रिपोर्ट भेजने को कहा गया है। मुख्य सचिव आलोक रंजन ने जांच अधिकारी से छह बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी है। उत्तर प्रदेश पुलिस के प्रवक्ता और आइजी हरिराम शर्मा ने पत्रकारों को बताया कि घटना के कारण और परिस्थितियों के अवलोकन, पुलिस प्रशासन की राजकीय संपत्ति को अतिक्रमण से मुक्त कराने की कार्ययोजना क्या फूलप्रूफ थी, अभिसूचना तंत्र की सूचनाएं क्या पर्याप्त और सटीक थीं, जिला पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका, पर्यवेक्षणीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका पर रिपोर्ट के साथ ही जांच अधिकारी से ऐसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुझाव मांगा गया है।
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23 की मौत का दिया गया ब्यौरा
शासन ने मथुरा कांड की रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेज दी है। घटना में दो अफसरों समेत 23 अन्य लोगों की मौत का ब्यौरा दिया गया है। अभी तक 19 शवों का पोस्टमार्टम करा दिया गया है। मुख्य अभियुक्त रामवृक्ष घटना के दिन मारा गया। घटनास्थल से बड़ी तादात में मिले असलहों का भी रिपोर्ट में ब्यौरा है। बताया गया है कि कुछ लोग विस्फोट में मारे गए जबकि कुछ आक्रोशित भीड़ के गुस्से का शिकार हुए।
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