मथुरा में ऑपरेेशन जवाहरबाग रिहर्सल के दौरान SP सिटी मुकुल दिवेदी और एसओ संतोष कुमार यादव शहीद हो गए। इनकी मौत के पीेछे सबसे बड़ा कारण इंटेलिजेंस की चूक बताई जा रही है। घटना में शहीद हुए मुकुल द्विवेदी इस ऑपरेशन को लेकर पहले से काफी टेंशन में थे। SP सिटी पर लटक रही थी कोर्ट की तलवार...
- जवाहरबाग को लेकर एसपी सिटी टेंशन में थे। वह अपने एक ज्योतिषी दोस्त से मिलने गए थे, जिससे उन्होंने ये बातें शेयर की थी।
- उन्होंने कहा था, कोर्ट की तलवार उन पर लटक रही है और अधिकारी जवाहर बाग खाली कराने के लिए फोर्स नहीं दे रहे हैं।
- नाम नहीं लिखने की शर्त पर कुछ पुलिस अफसरों ने बताया, एसपी सिटी जवाहरबाग खाली कराने के लिए कई बार रणनीति तैयार कर चुके थे, लेकिन हर बार उन्हें रोक दिया जाता था।
- नाम नहीं लिखने की शर्त पर कुछ पुलिस अफसरों ने बताया, एसपी सिटी जवाहरबाग खाली कराने के लिए कई बार रणनीति तैयार कर चुके थे, लेकिन हर बार उन्हें रोक दिया जाता था।
- कभी लखनऊ से प्रेशर पड़ता तो कभी स्थानीय अफसरों का।
7 महीने पहले ही हुई थी पोस्टिंंग
- 1995 बैच के पीपीएस अधिकारी मुकुल द्विवेदी मूल रूप से औरैया के रहने वाले थे।
- वह मेरठ, सहारनपुर, मथुरा, आगरा और बरेली में सीओ सिटी रह चुके थे।
- 7 महीनेे पहले प्रमोशन के बाद मथुरा में एसपी सिटी के रूप में पहली पोस्टिंग थी।
पुलिस महकमे में कोहराम
- बताया जा रहा कि एसपी सिटी का व्यवहार काफी अच्छा था।
- जिस जिले में उनकी पोस्टिंग होती थी, वहां वे दोस्तों की लंबी-चौड़ी लिस्ट तैयार कर लेते थे।
- मथुरा में वो 2 बार रह चुके थे। इससे पहले बरेली, मेरठ और गाजियाबाद के साथ कई जिलों में रह चुके थे।
- 5 दिन पहले ही वह पत्नी को मायके छोड़कर आए थे।
पत्नी सहित 2 बेटों को पीछे छोड़ गए शहीद एसपी
- मुकुल द्विवेदी की शादी साल 2000 में अर्चना से हुई थी। उनके दो बेटे हैं।
- बड़े बेटे का नाम कौस्तुभ है। घर पर एसपी मुकुल के शहीद होने की खबर मिलते ही पूरे परिवार में कोहराम मच गया है।