उड़ी-इस्लामाबाद
पाकिस्तान ने 8 अक्टूबर से कराची और लाहौर के ऊपर एयरस्पेस बंद करने का ऐलान किया है। इन दोनों शहरों के ऊपर का एयरस्पेस 13 दिनों के लिए बंद रहेगा। पाकिस्तान ने इसके पीछे 'ऑपरेशनल' कारणों का हवाला दिया है। इस अवधि के दौरान रोज 18 घंटे तक एयरस्पेस बंद रहेगा। रक्षा और विमानन क्षेत्र के विशेषज्ञों के मुताबिक, हो सकता है कि पाकिस्तान ने अपनी वायु सेना द्वारा युद्ध का अभ्यास करने के लिए कमर्शल उड़ानों का क्षेत्र खाली कराया हो।
विशेषज्ञों का कहना है कि कई देश इस तरह युद्ध का अभ्यास करते हैं, लेकिन इन दोनों व्यस्त हवाई अड्डों को इतने लंबे समय के लिए बंद करना असामान्य है। भारतीय अधिकारियों की नजर इस घटनाक्रम पर बनी हुई है क्योंकि यह सब ऐसे वक्त हो रहा है, जब दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। भारतीय वायु सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'ये प्रतिबंध एयर कॉम्बैट अभ्यास का हिस्सा लग रहे हैं। हमें पता है कि अभी सालाना हाई मार्क अभ्यास चल रहा है और पिछले सप्ताह PoK में भी विमानों पर प्रतिबंध लगाया गया था।' एयर चीफ मार्शल अरूप राहा ने हालांकि इसे संयोग बताया है।
एक एयर ट्रैफिक कंट्रोल अधिकारी ने कहा कि इस घटनाक्रम के कारण भारत से रवाना होने वाली और यहां आने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में बाधा नहीं पड़ेगी क्योंकि दूसरे रास्ते मुहैया कराए गए हैं। भारत सहित एशिया से यूरोप और मध्यपूर्व के लिए एयर ट्रैफिक कॉरिडोर में पाकिस्तान पड़ता है। पाकिस्तान दोनों शहरों में एयर स्पेस को 8 अक्टूबर से बंद करेगा और यह प्रतिबंध 22 अक्टूबर तक लागू रहेगा। ऐसा तीन चरणों में किया जाएगा। पहला चरण 8 से 13 अक्टूबर, दूसरा 15 से 20 अक्टूबर और तीसरा 22 अक्टूबर को होगा।
पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से एयरमैन को जारी नोटिस में उन शहरों के ऊपर से गुजरने वाली उड़ानों के लिए वैकल्पिक रास्ते मुहैया कराए गए हैं, लेकिन पाकिस्तान के भीतर उड़ानें प्रभावित रहेंगी। नोटिस में कहा गया, 'लाहौर और कराची फ्लाइट इन्फ़र्मेशन इलाकों के भीतर इंटरनैशनल मार्गों के रूट सेगमेंट्स जमीन से 45,000 फुट की ऊंचाई तक उपलब्ध नहीं रहेंगे।'
नागरिक उड्डयन इंडस्ट्री के एक शख्स ने कहा कि 45,000 फुट तक एयरस्पेस बंद करने का मतलब सभी कमर्शल फ्लाइट्स को बंद करना है क्योंकि उससे ज्यादा ऊंचाई पर कोई कमर्शल फ्लाइट नहीं जाती है। भारतीय वायु सेना के साथ काम कर चुके एक कमर्शल पायलट ने कहा, 'इतने समय तक लगाया गया यह प्रतिबंध पाकिस्तानी वायु सेना को अभ्यास का मौका देने के लिए है।
पाकिस्तान ने 8 अक्टूबर से कराची और लाहौर के ऊपर एयरस्पेस बंद करने का ऐलान किया है। इन दोनों शहरों के ऊपर का एयरस्पेस 13 दिनों के लिए बंद रहेगा। पाकिस्तान ने इसके पीछे 'ऑपरेशनल' कारणों का हवाला दिया है। इस अवधि के दौरान रोज 18 घंटे तक एयरस्पेस बंद रहेगा। रक्षा और विमानन क्षेत्र के विशेषज्ञों के मुताबिक, हो सकता है कि पाकिस्तान ने अपनी वायु सेना द्वारा युद्ध का अभ्यास करने के लिए कमर्शल उड़ानों का क्षेत्र खाली कराया हो।
विशेषज्ञों का कहना है कि कई देश इस तरह युद्ध का अभ्यास करते हैं, लेकिन इन दोनों व्यस्त हवाई अड्डों को इतने लंबे समय के लिए बंद करना असामान्य है। भारतीय अधिकारियों की नजर इस घटनाक्रम पर बनी हुई है क्योंकि यह सब ऐसे वक्त हो रहा है, जब दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। भारतीय वायु सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'ये प्रतिबंध एयर कॉम्बैट अभ्यास का हिस्सा लग रहे हैं। हमें पता है कि अभी सालाना हाई मार्क अभ्यास चल रहा है और पिछले सप्ताह PoK में भी विमानों पर प्रतिबंध लगाया गया था।' एयर चीफ मार्शल अरूप राहा ने हालांकि इसे संयोग बताया है।
एक एयर ट्रैफिक कंट्रोल अधिकारी ने कहा कि इस घटनाक्रम के कारण भारत से रवाना होने वाली और यहां आने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में बाधा नहीं पड़ेगी क्योंकि दूसरे रास्ते मुहैया कराए गए हैं। भारत सहित एशिया से यूरोप और मध्यपूर्व के लिए एयर ट्रैफिक कॉरिडोर में पाकिस्तान पड़ता है। पाकिस्तान दोनों शहरों में एयर स्पेस को 8 अक्टूबर से बंद करेगा और यह प्रतिबंध 22 अक्टूबर तक लागू रहेगा। ऐसा तीन चरणों में किया जाएगा। पहला चरण 8 से 13 अक्टूबर, दूसरा 15 से 20 अक्टूबर और तीसरा 22 अक्टूबर को होगा।
पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से एयरमैन को जारी नोटिस में उन शहरों के ऊपर से गुजरने वाली उड़ानों के लिए वैकल्पिक रास्ते मुहैया कराए गए हैं, लेकिन पाकिस्तान के भीतर उड़ानें प्रभावित रहेंगी। नोटिस में कहा गया, 'लाहौर और कराची फ्लाइट इन्फ़र्मेशन इलाकों के भीतर इंटरनैशनल मार्गों के रूट सेगमेंट्स जमीन से 45,000 फुट की ऊंचाई तक उपलब्ध नहीं रहेंगे।'
नागरिक उड्डयन इंडस्ट्री के एक शख्स ने कहा कि 45,000 फुट तक एयरस्पेस बंद करने का मतलब सभी कमर्शल फ्लाइट्स को बंद करना है क्योंकि उससे ज्यादा ऊंचाई पर कोई कमर्शल फ्लाइट नहीं जाती है। भारतीय वायु सेना के साथ काम कर चुके एक कमर्शल पायलट ने कहा, 'इतने समय तक लगाया गया यह प्रतिबंध पाकिस्तानी वायु सेना को अभ्यास का मौका देने के लिए है।